विधानसभा: आम नागरिक के सवाल(चोथी कड़ी ) -
- Rahul Dubey
- 3 days ago
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प्रस्तुत करते हैं एक सीरीज जिसमें मध्य प्रदेश विधान सभा के विभिन्न सत्रों में हुई चर्चाओं, प्रश्नों एवं उनके उत्तरों का आम नागरिक के सरोकार स्पष्ट होता है।
ये सवाल मध्यप्रदेश विधानसभा में विपक्ष द्वारा उठाए गए हैं। इस प्रश्नोत्तरी को आम नागरिक के लिए जानना जरूरी हैं। क्यों जरूरी हैं? क्योंकि ये सवाल हमारे द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों से पूछे गए हैं। सीधे शब्दों में कहें तो ये सवाल हमारे ही हैं! हमें यह जानना चाहिए कि जिन नेताओं को हमने चुना, क्या वे हमारी उम्मीदों पर खरे उतरे हैं या नहीं? आइए, मिलकर इन सवालों के जवाब तलाशें।
इस सीरीज कि तीसरी कड़ी में श्री उमंग सिंघार जी जो धार जिले की गंधवानी विधानसभा क्षेत्र के विधायक और मध्य प्रदेश सरकार के नेता प्रतिपक्ष भी हैं, उनके द्वारा किए गए प्रश्नों को जानने का प्रयास करते हैं - नेता प्रतिपक्ष का प्रश्न(क्र. 1065) क्या उप मुख्यमंत्री, वित्त महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 31 मार्च 2019, 31 मार्च 2020, 31 मार्च 2021, 31 मार्च 2022, 31 मार्च 2023 और 31 मार्च 2024 की स्थिति में शासन पर कितना कर्ज था? प्रश्नांकित दिनांक तक शासन पर कितना कर्ज है व 31 मार्च 2025 की स्थिति में कितना कर्ज संभावित है? 31 मार्च 2024 में राज्य शासन पर कर्ज़ राज्य की कुल जी.डी.पी. का कितने प्रतिशत था? (ख) 01 अप्रैल 2021 से प्रश्नांकित दिनांक तक राज्य शासन ने कोई कर्ज लिया है? यदि हाँ, तो कितना, कब-कब व कहां-कहां से? वित्तीय वर्ष 2021-22 से प्रश्नांकित अवधि तक कितनी-कितनी राशि ऋण किश्तों एवं ऋण ब्याज के रूप में अदा की गई है? कितनी स्थापना एवं पेंशन पर व्यय की है? इस वर्ष कितनी राशि ऋण किश्त व ऋण ब्याज में अदा की जाना है? यह वर्ष 2024-25 के बजट का कितना प्रतिशत है? (ग) मार्च 2021 की स्थिति में प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति पर औसतन कितना कर्ज भार था एवं मार्च 2025 की स्थिति में कितना संभावित है? राज्य पर बढ़ते हुए कर्ज के कारण/वित विभाग द्वारा किन-किन योजनाओं में राशि जारी करने पर रोक लगायी गयी है? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) के प्रकाश में क्या FRBM (म.प्र. राजकीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम 2005) का उल्लंघन हुआ है? यदि हों, तो क्यों?
इन प्रशन्नो पर उन्हे प्राप्त उत्तर इस प्रकार है: उप मुख्यमंत्री, वित्त (श्री जगदीश देवड़ा) :(क) 31 मार्च, 2019 से 31 मार्च, 2024 की स्थिति में वर्षवार शासन पर कर्ज की स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-एक में उपलब्ध है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट साहित्य के वित्त सचिव स्मृति पत्र के अनुसार राज्य सरकार पर 31 मार्च, 2025 की स्थिति में कर्ज के बजट अनुमान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-दो में उपलब्ध है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट साहित्य के साथ प्रकाशित मध्यप्रदेश राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम 2005 के अंतर्गत यथा अपेक्षित विवरण के अनुसार 31 मार्च 2024 में राज्य सरकार पर कर्ज, राज्य की कुल जी.डी.पी. का 24.81 प्रतिशत रहने की पुनरीक्षित अनुमान है। (ख) जी हाँ। प्रदेश शासन पर कर्ज की जानकारी भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा तैयार किये गये वित्त लेखे वर्ष 2001-02 में वित्तीय वर्ष 2023-24 तक स्टेटमेंट नं. 15/17 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-तीन में उपलब्ध है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के वित्त लेखे नियंत्रक महालेखा परीक्षक द्वारा तैयार नहीं किये जाने से शेष अंकेक्षित जानकारी दिया जाना संभव नहीं है। वित्तीय वर्ष 2021-22 से वर्ष 2022-23 तक की अंकेक्षित जानकारी तथा वर्ष 2023-24 के पुनरीक्षित अनुमान एवं वर्ष 2024-25 के बजट अनुमान में ऋण किस्तों एवं ऋण ब्याज के रूप में अदा की गई राशि की जानकारी वर्ष 2023-24 एवं वर्ष 2024-25 के बजट साहित के साथ प्रकाशित वित्त सचिव के स्मृति पत्र में दी गई है जो जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-चार में उपलब्ध है। स्थापना एवं पेंशन पर व्यय की अंकेक्षित जानकारी वर्ष 2021-22 से वर्ष 2022-23 तक तथा वर्ष 2023-24 के पुनरीक्षित अनुमान एवं वर्ष 2024-25 के बजट अनुमान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-पांच में उपलब्ध है। (ग) राज्य सरकार द्वारा अधोसंरचना विकास हेतु कर्ज लिया जाता है। इसका प्रति व्यक्ति पर कर्ज से कोई संबंध नहीं है। राज्य सरकार द्वारा कर्ज की राशि का उपयोग केवल पूंजीगत कार्यों के लिये ही किया जाता है। अतः ऐसी कोई स्थिति नहीं है। (घ) जी नहीं।
जाहीर है कि सवाल एवं उसके जवाब पेंचीदा हैं। इनको आसान भाषा में समझना आवश्यक है।
सवाल : यह सवाल मूलतः म.प्र. शासन पर कर्ज को लेकर है | यह सवाल राज्य के कर्ज, नए कर्ज, और भुगतान की स्थिति के बारे में हैं। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2019 से 2024 तक राज्य पर कितना कर्ज था और 2025 में कर्ज का अनुमान क्या है। 1 अप्रैल 2021 से अब तक राज्य ने नया कर्ज लिया है या नहीं, और कितनी राशि अदा की गई है। यह पूछता है कि मार्च 2021 में प्रति व्यक्ति कर्ज कितना था और 2025 में कितना हो सकता है। आखिरी सवाल FRBM एक्ट के उल्लंघन के बारे में है।
जवाब - इन सवालों के जवाबो मे मंत्री जी ने कहा कि 31 मार्च 2024 तक राज्य का कर्ज जीडीपी का 24.81% था, और 31 मार्च 2025 तक कर्ज का अनुमान उपलब्ध है। 1 अप्रैल 2021 से अब तक राज्य ने जो कर्ज लिया है और ऋण किस्तों का विवरण बजट में दिया गया है। राज्य सरकार कर्ज का उपयोग केवल पूंजीगत कार्यों के लिए करती है, इसलिए प्रति व्यक्ति कर्ज का कोई असर नहीं है। इसके अलावा, FRBM का उल्लंघन नहीं हुआ है।
मध्यप्रदेश विधानसभा में विपक्ष ने कुछ महत्वपूर्ण सवाल उठाए—सवाल जो आम जनता की समस्याओं और उनकी उम्मीदों से जुड़े हैं। लेकिन क्या इन सवालों के जो जवाब मिले, वे आपको संतुष्ट करते हैं? हमें अपने जवाब editor@matdaan.com में प्रेषित करें।
लेखक- राहुल दुबे
संबंधित जानकारी हेतु - मध्य प्रदेश विधानसभा ,प्रश्नोत्तरी – सूची ,मार्च 2025 सत्र, बुधवार दिनांक 12 मार्च 2025 , तार्किक प्रश्न उत्तर ।
वेबसाईट- https://mpvidhansabha.nic.in/
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